मथुरा। संस्कृति स्कूल ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज द्वारा अंतरराष्ट्रीय माइक्रोबायोलॉजी दिवस का आयोजन  विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के साथ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन “सूक्ष्म जीव, विराट प्रभाव, अनंत संभावनाएँ” विषय के अंतर्गत किया गया। इस विषय के माध्यम से मानव स्वास्थ्य, रोग, निदान, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरणीय स्थिरता तथा वैज्ञानिक प्रगति में सूक्ष्मजीवों के व्यापक प्रभाव और महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
इस मौके पर फोर्टिस अस्पताल की माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. रिया गुप्ता के साथ हुई वेबिनार ने विद्यार्थियों को रोगों के निदान, संक्रमण की रोकथाम, रोगी प्रबंधन तथा जैव-चिकित्सकीय अनुसंधान में माइक्रोबायोलॉजी की निरंतर विकसित होती भूमिका को समझने और उसकी सराहना करने के लिए भी प्रेरित किया। वेबिनार के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र की विशेषज्ञ से संवाद करने तथा माइक्रोबायोलॉजी के नैदानिक महत्व, मानव स्वास्थ्य एवं रोगों में सूक्ष्मजीवों की भूमिका, प्रयोगशाला निदान, संक्रमण से संबंधित चुनौतियों तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में सूक्ष्मजीव विज्ञान के महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ रचनात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भी समावेश किया गया। कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में पोस्टर-निर्माण प्रतियोगिता, रंगोली-निर्माण प्रतियोगिता तथा नुक्कड़ नाटक शामिल रहे। कार्यक्रम में मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी, रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी, कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, ऑप्टोमेट्री के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, जन-जागरूकता तथा बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट (जैव-चिकित्सकीय अपशिष्ट प्रबंधन) के महत्व को उजागर करते हुए विभिन्न स्किट एवं नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण संदेशों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। पोस्टर-निर्माण एवं रंगोली-निर्माण प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों द्वारा अनेक प्रविष्टियाँ प्रस्तुत की गईं। विद्यार्थियों ने सूक्ष्मजीव विज्ञान पर आधारित आकर्षक रंगोली डिज़ाइन तैयार किए, जिनमें सूक्ष्मजीवों तथा माइक्रोबायोलॉजी, प्रयोगशाला विज्ञान, स्वास्थ्य एवं रोग से संबंधित विभिन्न अवधारणाओं को रचनात्मक रूप से प्रदर्शित किया गया। विभिन्न विभागों से प्राप्त अनेक प्रविष्टियों ने विद्यार्थियों के उत्साह, रचनात्मकता तथा वैज्ञानिक अवधारणाओं की कलात्मक अभिव्यक्ति को प्रदर्शित किया।
पोस्टर-निर्माण एवं रंगोली-निर्माण प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन संस्कृति विश्वविद्यालय तथा इसके संबद्ध संस्थानों के विभिन्न शैक्षणिक विषयों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल डॉ. कामिनी साहू – प्राचार्य, स्कूल आफ फार्मेसी, संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के प्राचार्य, डॉ. मोहनन, स्कूल आफ नर्सिंग के प्राचार्य डॉ. के. के. पाराशर शामिल थे। कार्यक्रम स्कूल ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज की विभागाध्यक्ष डा. स्वाति दीक्षित के निर्देशन व संयोजन में संपन्न हुआ।