मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के समीप स्थित खड़ेश्वरी आश्रम में गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के बीच सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व निकाली गई 108 कलशों की विशाल शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया।
प्रातः 8 बजे स्वामी घाट से शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ, जिसमें 108 महिला श्रद्धालुओं ने अपने सिर पर पवित्र कलश धारण कर भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं भजन-कीर्तन करते हुए, नृत्य और जयघोष के साथ खड़ेश्वरी आश्रम पहुंचीं। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे वातावरण में राधे-राधे तथा जय श्रीकृष्ण के उद्घोष गूंजते रहे।
शोभायात्रा का विभिन्न स्थानों पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई, वहीं श्रद्धालुओं की सेवा के लिए शीतल जल एवं शरबत की प्याऊ भी लगाई गईं। इस दौरान मार्ग पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंगा नजर आया।
शोभायात्रा में शामिल संत-महात्माओं ने कहा कि जिस प्रकार ब्रजवासियों ने इस धार्मिक आयोजन का स्वागत किया है, वह खड़ेश्वरी बाबा के प्रति उनकी गहरी आस्था और प्रेम का प्रतीक है। संतों ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कथा का शुभारंभ नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का एक पावन माध्यम है।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को धर्म, भक्ति और सदाचार का मार्ग दिखाती है तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संचार करती है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और सनातन धर्म के गूढ़ संदेशों का श्रवण करने का अवसर प्राप्त होगा।
आयोजकों के अनुसार, यह सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा 5 जून से प्रारंभ होकर 12 जून तक चलेगी। कथा का रसपान प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी लवदास जी महाराज श्रद्धालुओं को कराएंगे। कथा के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए आश्रम परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।