मथुरा। चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड द्वारा स्थानीय होटल में उप–विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रोडक्ट मैनेजर अरुण जग्गी, विशिष्ट अतिथि प्रोडक्ट मैनेजर कुलदीप सेंगर, रीजनल प्रमुख नीरज कुमार, एरिया मैनेजर अनिल मालाकार एवं जिला वितरक गनेश वार्ष्णेय ने गणेश जी के समक्ष दीप जलाकर शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में विक्रेताओं से कहा कि वह किसानों के साथ मिलकर उनकी उन्नति व विकास पर ध्यान केंद्रित कर पर्यावरण के अनुकूल बॉयोजेनिक नैनो टेक्नोलॉजी से बने उत्पादों सुपरराइजा व घुलनशील फर्टिलाइजर उत्तम प्रणाम के प्रयोग से अवगत कराएं जो मिट्टी में विभिन्न पोषक तत्वों को निकाल कर पौधों की जड़ों तक पहुंचाकर उत्पादन क्षमता में वृद्धि लाने का कार्य करते हैं। विशिष्ट अतिथि ने कहा विचारणीय यह है कि हम जमींन से जितनी पैदावार ले रहे हैं क्या हम उसकी की उत्पादक क्षमता बनाए रखने हेतु ठोस प्रयास कर पा रहे हैं ? “उत्तम का योगदान संपूर्ण कृषि का समाधान” कंपनी उपलब्ध करा रही है। किसान इसके प्रयोग से लाभान्वित होकर खुशहाल बनें। रीजनल प्रमुख ने उप–विक्रेताओं को नई जानकारी से रूबरू कराते हुए कहा कंपनी के स्वामी के.के. बिरला की सोच दूरगामी रही है। इन रसायनों का बैक्टीरिया के साथ गोबर की खाद, रेत, मिट्टी, राख किसी में भी मिलाकर प्रयोग किया जा सकता है। एरिया मैनेजर अनिल मलाकार ने बताया सुपरराइजा व उत्तम प्रणाम का साथ आलू की पैदावार को खास बनाता है। क्षेत्रीय अधिकारी सौरभ मिश्रा ने वीडियो क्लिप का प्रदर्शन कर सम्मेलन में आए वितरकों को किसानों की खुशहाली से आत्म–सात कराया। आरंभ में गनेश वार्ष्णेय ने मुख्य अतिथि, गंगाराम शर्मा ने विशिष्ट अतिथि, जगबीर सिंह ने रीजनल प्रमुख घनश्याम शर्मा ने एरिया मैनेजर का बुके देकर स्वागत किया। संचालन क्षेत्रीय अधिकारी दीपेश शर्मा ने किया। कंपनी द्वारा लकी ड्रा निकालकर उन उप–वितरकों को प्रोत्साहित किया जिन्होंने 60 किलोग्राम से अधिक सुपरराइजा व 30 लीटर से अधिक उत्तम प्रणाम बेचा। विजेता बने अमरनाथ चौधरी व दीपक बघेल को प्रोत्साहित किया गया। अंत में जिला वितरक गनेश वार्ष्णेय ने आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में घनश्याम शर्मा, अमित अग्रवाल, सुनील शर्मा, ओमी वर्मा, नारायण हरि, प्रमोद कुमार, अजीत चौधरी, मुकेश शर्मा, ठा. भरत सिंह, नरेंद्र कुमार, शिवकुमार अग्रवाल, मुकेश छौंकर, विश्वेंद्र दीक्षित थे।