मथुरा ।गुरु नानक नगर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का एक दल मथुरा की सांसद हेमा मालिनी से मिला व गुरु नानक नगर की दशक पुरानी गंभीर जलभराव की समस्या से उनको अवगत कराया। समस्या के संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश खंडेलवाल ने सांसद महोदया को 24 पन्नों का ज्ञापन भी सौंपा जिसमें जलभराव के मुख्य कारण, एक दशक से हो रहे हर वर्ष जलभराव की दयनीय स्थिति के छायाचित्र और दीर्घकालीन समाधान के लिए 7 बिंदु के सुझाव थे। सांसद महोदया ने पूरी बात गहराई से सुनी और गंभीरता को देखते हुए उसी क्षण उक्त अधिकारी को निर्देश देने की बात कही व समस्या का उचित निवारण करने का आश्वासन दिया । मीटिंग में गुरु नानक नगर के पदाधिकारी जिसमें महेश खंडेलवाल (अध्यक्ष), राकेश सक्सेना (महामंत्री), सुभाष जैन (संरक्षक), राजेश अग्रवाल (उपाध्यक्ष), जुगल श्रीवास्तव (संगठन मंत्री) और जयकेशव मिश्रा (मंत्री) रहे। आपको बता दें कि गुरु नानक नगर कॉलोनी एक दशक से गंभीर जल भराव की समस्या से ग्रसित हैं जिसके चलते पूरी कॉलोनी में थोड़ी सी बारिश के बाद अधिकतम घरों में अंदर तक 3 से 4 फीट ऊंचा गंदा पानी भर जाता है। फलस्वरूप पूर्व में अनेक घरों में जान मॉल की हानि, जिसमें संपत्ति को भारी अपूर्णीय नुकसान तथा कई लोगों को घातक रोग व दुखद दुर्घटनाएं हुई जिसकी वजह से लोगों ने कॉलोनी से पलायन शुरू कर दिया। जलभराव का मुख्य कारण कॉलोनी में बना पंद्रह साल पुराना नाला है जिसकी चौड़ाई व गहराई लगभग 11 फीट है जिसमें पीछे से रोडवेज वर्कशॉप, महोली रोड, बस स्टैंड एवं बी.एस.ए. रोड का पानी आता है। यह नाला गुरु नानक नगर से बृज नगर व के.आर. पुलिया से होता हुआ भैंस बहोरा स्थित नाले में जाकर मिलता है जिसमें मुख्यता के. आर. पुलिया के नीचे यह नाला पूरी तरह से चोक हो गया है। के.आर. पुलिया पर गुरु नानक नगर नाला और बीएसए रोड व कैलाश नगर से आता हुआ नाला मिलता है जिसके बाद ये आगे भैंस बहोरा नाले में जाकर मिलता है । नाले पर अस्थाई रूप से आर.सी.सी. स्लैब डली हुई है जिसकी वजह से इसकी सफाई नहीं हो पाती। फलस्वरुप नाला सिल्ट, प्लास्टिक व ठोस अपशिष्ट से चोक हो गया है जिसकी वजह से बरसात व नाली के पानी की निकासी नहीं हो पाती। ब्रजनगर से नानक नगर तक का मार्ग मथुरा की विश्वविख्यात पंचकोसी परिक्रमा का मुख्य मार्ग है जहां पर प्रत्येक एकादशी व धार्मिक पर्वों पर अनावृत रूप से परिक्रमार्थी परिक्रमा लगाते हैं । जल भराव के कारण सभी धर्म प्रिया जनता काफी परेशानी का सामना करती है तथा परिक्रमा भी बड़ी रेलवे लाइन के ऊपर से लगानी पड़ती है जिससे जनहानि की संभावना बनी रहती है। पूर्व में कई घातक दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं ।