मथुरा 19 मई। जयगुरुदेव आश्रम में चल रहे पांच दिवसीय वार्षिक भण्डारा सत्संग मेला के तीसरे दिन संस्थाध्यक्ष पंकज महाराज ने श्रद्धालुओं को नामदान देकर, सत्गुरु महिमा, शाकाहार प्रचार और शब्द, नाम कमाई करने पर जोर दिया कहा कि वह कुल मालिक जब किसी जीव को पार करना चाहता है, तोे किसी संत के जरिये अपना भेद प्रकट करता है। भवसागर से पार होने की इच्छा रखने वालों को संत की खोज कर, उनकी सेवा, सत्संग और नाम की कमाई करनी चाहिये। अपने सत्गुरु का पल-पल, श्वांस-श्वांस पर सुमिरन करते रहना चाहिये। नाम का सुमिरन ही दुनियां के सुमिरन को काटता है। नाम कमाई करने वाले महसूस करते हैं कि हम शरीर नहीं है अपितु इसमें कैदी हैं। नाम की कमाई करने वालों की जीवात्मा सूक्ष्म शरीर में प्रवेश कर जाती है जहां पलक झपकते ही पूरे संसार का चक्कर लगाकर अपने शरीर में वापस आ जाते हैं। जिसको सत्गुरु ने नामदान दे दिया है वह जीव एक न एक दिन अपने घर सतलोक पहुंच जायेगा। मनुष्य शरीर चौरासी लाख योनियों से निकलने का एकमात्र अवसर है। इसलिये नाम की कमाई करके अपने ख्याल को नौ दरवाजों से खींचकर दसवें द्वार पर पहुंचाने पर शब्द का स्वाद, लज्जत मिलने लगती है और मन शांत हो जाता है। दुनियां से प्यार और मोह खत्म हो जाता है तथा अपने प्रभु से मिलने के काबिल हो जाता है। उन्होंने बाबा जयगुरुदेव जी महाराज द्वारा 1970 के दशक में की गई भविष्यवाणियों की तरफ इशारा किया यदि लोग शाकाहार और नशामुक्त जीवन शैली नहीं अपनायेंगे तो पहले बीमारियों की आंधी चलेगी फिर तुफान आयेगा और फिर सुनामी आयेगी। कोरोना महामारी का दुःखद दृश्य देखा गया। लोगों को आक्सीजन का एक सिलेण्डर तक नहीं मिल पाया। मरने वालों की कोई गिनती नहीं रही। इसलिये हमारी आप से अपील और प्रार्थना है कि आप शाकाहारी रहे और नशीली वस्तुओं का सेवन बन्द कर दें। जब आप राम, कृष्ण, बजरंग बली और बौद्ध को मानते हैं तो उनके आदर्शों पर चलना भी सीखें। उन्होंने सत्संग प्रेमी भाई-बहनों से शाकाहारी-सदाचारी मद्यनिषेध के प्रचार को जन-जन तक पहुंचाने के लिये एक-एक गांव गोद लेने के लिये संकल्प लें और बराबर प्रचार करते रहें। इसी प्रचार से देश दुनियां में भारी परिवर्तन आयेगा। परिवर्तन फांसी देने, कानून बनाने से नहीं होगा। परिवर्तन लोगों के विचार बदलने से होता है। विचार तब बदलेंगे जब लोगों का खानपान शुद्ध होगा। 18 मई की रात्रि में जयगुरुदेव नाम योग साधना मन्दिर में पंकज जी ने पूजा कर लोगों के लिये कल्याणकारी प्रसाद तैयार किया। लोग लाइन में लगकर मन्दिर और सत्संग भवन में पूजा करते हुये दया की याचना करते दिखे। 8 से 12 जुलाई 2025 तक गुरुपूर्णिमा कार्यक्रम जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में आयोजित किये जाने की घोषणा किया और उसमें एक-एक नये प्रेमी को लाने का आह्वान किया।