मथुरा। राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत संस्कृति विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई ने गांव अजीज पर में सात दिवसीय शिविर का आयोजन लगाया। इस दौरान अनेक गतिविधियों के साथ स्वयंसेवकों ने जनसामान्य को राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल सिद्धांतों, उद्देश्यों और इसके महत्व के बारे में विस्तार से जाना और समझा। कार्यक्रम के समन्वयक और संस्कृति नर्सिंग स्कूल के प्राचार्य डा. केके पाराशर ने बताया कि शिविर दौरान स्वयंसेवकों ने दिनचर्या और गतिविधियों के दौरान अनुशासन के साथ नियमों का पालन किया। शिविर का एक उद्देश्य यह भी था कि स्वयंसेवकों में टीम वर्क, आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना पैदा हो। शिविर के सात दिनों के दौरान एनएसएस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों, उनकी समस्याओं, संस्कृति और जीवनशैली को समझने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण किया। अतिथि वक्ताओं ने स्वयंसेवकों को समाज सेवा के लिए प्रेरित करना और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए जागरूक किया। •डा. पाराशर ने बताया कि स्वयं सेवकों में समूह निर्माण एवं नेतृत्व विकास के लिए विद्यार्थियों को विभिन्न समूहों में बाँटा गया और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके अंदर नेतृत्व गुणों को विकसित किया गया। विभिन्न कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों को संवाद और आत्मअभिव्यक्ति का अवसर भी मिला जिससे उनके आत्मविश्वास में बढोत्तरी हुई। •संस्कृति यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय सेवा योजना के इस सात दिवसीय शिविर के सफलता से संपन्न होने के उपरांत एक समारोह का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेवकों को उनके अथक परिश्रम के सम्मानित किया गया ताकि वे समाज सेवा के प्रति प्रोत्साहित हों। समापन समारोह की शुरुआत टीकाकरण के बाद राष्ट्रीय सेवा योजना गान से हुई। समारोह के दौरान मुख्य अतिथि संस्कृति स्कूल आफ एग्रीकल्चर के डीन डा. कंचन सिंह ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थी सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक होते हैं और उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवाभाव का विकास होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। एनएसएस के प्रोग्राम आफीसर जगदीश सिंह ने सात दिवसीय शिविर की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया की शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान, सड़क सुरक्षा जागरूकता, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर और शिक्षा जागरूकता अभियान जैसी प्रमुख गतिविधियों का संचालन किया। समारोह के दौरान• उत्कृष्ट एनएसएस स्वयंसेवकों, टीम लीडर्स और सहयोगी शिक्षकों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। स्वयंसेवकों को उनके समर्पित प्रयासों के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए।