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Tuesday, 18th June,
2019
मथुरा माननीय मंत्री, पशुधन एवं दुग्ध विकास, राजनैतिक पेंशन विभाग श्री धर्मपाल सिंह जी की अध्यक्षता में गो-संवर्धन एवं निराश्रित गो-संरक्षण, गोचर भूमियों को कब्जा मुक्त कराकर हरे चारे की बुवाई, चारा, भूसा, दाना-पानी आदि की व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुई संपन्न। बैठक में माननीय मंत्री जी ने निराश्रित गोवंशों के भरण पोषण, संचालन, क्रियान्वयन, अनुश्रवण मूल्यांकन, गो-आश्रय स्थलों की स्थापना आदि की समीक्षा की। माननीय मंत्री जी ने जनपद में संचालित गो-आश्रय स्थलों के समीप गोचर / चारागाह भूमि को कब्जा मुक्त कराकर हरे चारे के रूप में नैपियर के साथ मुरिंगा घास का प्लांटेशन कर चारा उगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि उप-जिलाधिकारियों व क्षेत्राधिकारियों की संयुक्त टीम के माध्यम से समस्त गोचर / चारागाह भूमि को कब्जा मुक्त कराए। माननीय मंत्री जी ने गौवंशों में नस्ल सुधार पर अधिकाधिक ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान को गंभीरता से लेते हुए कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि बछिया ही पैदा हो, उसके लिए सरकार द्वारा उसका सीमन रुपए 300 से कम कर रुपए 100 कर दिया गया है। माननीय मंत्री जी ने समस्त गौशालाओं में सी०सी०टी०वी० कैमरा लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने एन०जी०ओ० द्वारा संचालित गो-आश्रय स्थलों, भरण पोषण, मा० मुख्यमंत्री जी सहभागिता योजना आदि की समीक्षा की। माननीय मंत्री जी ने निर्देश दिए कि गौशालाओं को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को संचालन हेतु दिया जायें, गौशाला में संरक्षित गोवंशों के गोबर से गोबर बायो गैस, गमले, जैविक खाद, पेंट, साबुन, फेसवाश तथा गो-मूत्र से पंचगव्य आदि गो-उत्पाद बनाकर गौशाला को आत्मनिर्भर बनाया जाए। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने माननीय मंत्री जी को अवगत कराया कि जनपद की कुछ गौशालाओं में गौ-उत्पाद केंद्र है, जिसमें गोबर, दूध व गौमूत्र से साबुन, फेसवॉश, दीपक, फिनायल, घी, धूप बत्ती आदि उत्पादों को बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि जनपद में पेंट भी बनाया जा रहा है, जिसका प्रयोग सरकारी भवनों की रंगाई पिटाई में किया जा रहा है। माननीय मंत्री जी ने निर्देश दिए कि जनपद में संचालित 08 मोबाइल वेटनरी यूनिट वैन ससमय कॉल आने पर संबंधित स्थान पर पहुंचे। माननीय मंत्री जी ने निर्देश दिए कि सभी गौशालाओं में उत्कृष्ट साफ-सफाई एवं पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गर्मी एवं लू के दृष्टिगत गौशाला में सभी व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि गौवंशों हेतु हरा-चारा, भूसा, खर आदि पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए। उन्होंने दानदाताओं एवं किसानों से भूसा दान करवाने हेतु जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारियों एवं उप पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए। माननीय मंत्री जी ने गौशालाओं में शेड, स्वच्छता, पेयजल, हरा-चारा, भूसा भंडारण और पोषण की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि गौवंशों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण सुनिश्चित करे। उन्होंने बीमार पशुओं के उपचार की व्यवस्था के बारे में भी पूछताछ की तथा निर्देश दिए कि ससमय उपचार सुनिश्चित किया जाए। माननीय मंत्री जी ने गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने हेतु बल दिया। उन्होंने भूसा बैंक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौवंश की सेवा और संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। माननीय मंत्री जी ने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में माननीय विधायक बल्देव श्री पूरन प्रकाश जी, उत्तर प्रदेश पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान के माननीय कुलपति डॉ. अभिजित मित्र, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 पूजा गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 नरेंद्र नारायण शुक्ला, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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