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Tuesday, 18th June,
2019
मथुरा। केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के मेडिसिन विभाग द्वारा शुक्रवार को लगाए गए निःशुल्क लीवर फाइब्रोस्कैन परीक्षण शिविर में दो सौ से अधिक मरीज लाभान्वित हुए। विशेषज्ञ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद जुबेर और उनके सहयोगियों की देखरेख में टेक्नीशियन ने फाइब्रोस्कैन के माध्यम से मरीजों का लीवर फंक्शन टेस्ट, लिपिड प्रोफाइल, हेपेटाइटिस बी और सी वायरस परीक्षण आदि किए। निःशुल्क फाइब्रोस्कैन जांच शिविर में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद जुबेर ने मरीजों को नैदानिक और आहार परामर्श भी प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में लीवर की बीमारी आम है। सही खान-पान और समय से जांच और उपचार से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है। निःशुल्क फाइब्रोस्कैन जांच शिविर में मरीजों के फैटी लीवर, अल्कोहलिक लीवर, फाइब्रोसिस, सिरोसिस और हेपेटाइटिस बी और सी की जांचें की गईं। शिविर में हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा मरीजों को एक्स-रे, एमआरआई, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा भी प्रदान की गई। डॉ. जुबेर ने बताया कि लीवर की लगातार समस्या के कारण मरीज का लीवर फाइब्रोसिस और सिरोसिस ठीक से काम नहीं करता तथा उससे मरीज की जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि क्रोनिक यकृत रोग का सबसे आम कारण एनएएफएलडी (गैर-अल्कोहल फैटी लीवर रोग) है, जो एक जीवनशैली से सम्बन्धित बीमारी है, जो अनुचित आहार, व्यायाम की कमी, पेट के आसपास वसा की प्रवृत्ति तथा रक्त में लिपिड और शर्करा सम्बन्धी समस्याओं के कारण होती है, जो लगभग एक तिहाई भारतीय आबादी में पाई जाती है। डॉ. जुबेर ने बताया कि लीवर की परेशानी के अन्य कारणों में शराब और हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण हैं। उन्होंने कहा कि फैटी लीवर की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए तथा मरीज समय से लीवर फंक्शन टेस्ट कराकर अन्य परेशानियों से बच सकता है। डॉ. जुबेर ने कहा कि जब तक रोगियों में पीलिया, जलोदर, मस्तिष्क विकृति और रक्तस्राव जैसे लक्षण विकसित होते हैं, तब तक यकृत रोग गम्भीर हो चुका होता है। डॉ. जुबेर ने बताया कि लीवर फाइब्रोस्कैन एक दर्द रहित, नॉन-इनवेसिव (बिना चीर-फाड़) और तेज परीक्षण है, जो लीवर की कठोरता और फैटी लीवर का सटीक परीक्षण करता है। यह पारम्परिक बायोप्सी का एक सुरक्षित विकल्प है, जो लीवर सिरोसिस, सूजन और डैमेज का शुरुआती चरणों में पता लगाकर तुरंत उपचार में मदद करता है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू पांडेय ने कहा कि केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के चेयरमैन श्री मनोज अग्रवाल चाहते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को सही परीक्षण और उपचार मिले। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए के.डी. हॉस्पिटल द्वारा लगातार निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से ब्रज क्षेत्र के लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। लीवर फाइब्रोस्कैन जांच शिविर की सफलता में डॉ. हर्षवर्धन, डॉ. मनीष प्रताप सिंह, टेक्नीशियन सचिन उपाध्याय, अंकुश यादव, सौरभ शर्मा, हीरा गोस्वामी आदि का अहम योगदान रहा।
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