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संस्कृति विवि और आर्टेमिस अस्पताल के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय और आर्टेमिस हास्पिटल गुड़गांव के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौते(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। जानकारी के अनुसार यह समझौता दोनों संस्थानों के मध्य प्रगति के नए द्वार खोलेगा और विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए सर्वोत्तम मंच तैयार करेगा।
संस्कृति विश्विविद्यालय में निष्पादित हुए इस महत्वपूर्ण समझौते पर आर्टेमिस अस्पताल की ओर से अस्पताल के प्रतिनिधि फरीद खान और मनोज अरोड़ा व संस्कृति विश्वविद्यालय की ओर से असिस्टेंट रजिस्ट्रीर रवि त्रिवेदी ने हस्ताक्षण किए। संस्कृति स्कूल आफ मेडिकल एवं एलाइड साइंस के विभागाध्यक्ष डा. आरपी जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2007 में स्थापित आर्टेमिस अस्पताल, 9 एकड़ में फैला हुआ, 550 से अधिक बिस्तरों वाला अस्पताल है। गुड़गांव में स्थित अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल पहला जेसीआई और एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल है। भारत में सबसे उन्नत अस्पतालों में से एक के रूप में डिज़ाइन किया गया, आर्टेमिस उन्नत चिकित्सा और सर्जिकल हस्तक्षेप, इनपेशेंट और आउटपेशेंट सेवाओं के व्यापक मिश्रण के स्पेक्ट्रम में विशेषज्ञता की गहराई प्रदान करता है। अस्पताल में अपनाई जाने वाली चिकित्सा पद्धतियाँ और प्रक्रियाएँ अनुसंधान उन्मुख हैं और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ के मुकाबले बेंचमार्क हैं।
संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एमबी चेट्टी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह समझौता गुरुग्राम के प्रसिद्ध अस्पताल में विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए सर्वोत्तम सेतु का काम करेगा। समझौते के नियम और शर्तों के अनुसार आगे की प्रक्रिया के लिए संस्कृति विवि की ओर से असिस्टेंट रजिस्ट्रार रवि त्रिवेदी प्रतिनिधि के रूप में काम करेंगे। बताया गया कि समझौते के अनुसार आर्टेमिस अस्पताल ने संस्कृति विवि के विद्यार्थियों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को नैदानिक परीक्षणों और उपचार के लिए 10-15% छूट की पेशकश की है।

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