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पौष्टिक आहार ही जीवन का आधारः संजय जोशीजीएल बजाज में स्वस्थ भोजन, स्वस्थ जीवन पर हुई परिचर्चा

मथुरा। हम सभी अपने दैनिक जीवन में अच्छा खाना, सेहत का खजाना पर बातें तो बहुत करते हैं लेकिन असल जिन्दगी में इस पर अमल बहुत कम करते हैं। पौष्टिक आहार न लेने से ही हम सभी अपने जीवन में तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करते हैं। सच कहें तो पौष्टिक आहार ही जीवन का आधार होता है। यह बातें जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा के सोशल क्लब पहला कदम द्वारा स्वस्थ भोजन, स्वस्थ जीवन विषय पर आयोजित परिचर्चा में जाने-माने पोषण विशेषज्ञ तथा फिटनेस प्रशिक्षक संजय जोशी ने छात्र-छात्राओं को बताईं। परिचर्चा का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया।
पोषण विशेषज्ञ श्री जोशी ने व्यस्त जीवन में संतुलित आहार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कई बार हमारे खाने का चयन गलत होता है, तो कई बार खाना पकाने का हमारा तरीका गलत होता है, जिसकी वजह से हम पौष्टिक आहार से वंचित रह जाते हैं। श्री जोशी ने कहा कि यही नहीं बाजार से लाए भोजन के सामान की गुणवत्ता और घर में उसके रखरखाव तथा पकाने के अनुचित तरीके से भी उसकी पौष्टिकता काफी कम हो जाती है, जो अनजाने में ही सही हमारी सेहत के लिए काफी नुकसानदेह साबित होती है।
श्री जोशी ने छात्र-छात्राओं को पोषण आहार के लाभों, संतुलित आहार और नींद की आवश्यकता पर भी विस्तार से जानकारी दी। श्री जोशी जोकि जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा के छात्र सहायता प्रणाली के सदस्य भी हैं, उन्होंने मेस मेनू पर भी अपने बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग अति व्यस्तता का हवाला देकर पेट भरने में विश्वास करने लगे हैं, चाहे इसके लिए जंक फूड पर ही निर्भर क्यों न रहना पड़े। सच तो यह है कि व्यस्त जीवनशैली में जंक फूड हमारे दैनिक भोजन का एक पैमाना बन गया है। हम भोजन में पौष्टिकता की अहमियत भूलते जा रहे हैं जोकि बहुत गलत है।
संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि अनहेल्दी खानपान, कम शारीरिक गतिविधियां तथा तनावपूर्ण माहौल में स्वस्थर जीवन की कल्पना बेमानी है। यदि हमें स्वस्थ रहना है तो पौष्टिक आहार लेना होगा। प्रो. अवस्थी ने कहा कि हमें क्या खाना है अर्थात किस तरह के भोजन का सेवन करना है इसकी समझ होनी बहुत जरूरी है। पौष्टिक व सही भोजन की पसंद ही हमारे शरीर और दिमाग को सेहतमंद रख सकती है। प्रो. अवस्थी ने कहा कि हलका अर्थात सादा व जैविक भोजन निरोगी तथा असली तत्व से भरपूर होता है जोकि हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।

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