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केएम विवि ने किया ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन समिट का आयोजन

नई शिक्षा नीति-20 से जिले के प्रधानाचार्यों को कराया अवगत

शिक्षा और विद्या साथ मिले तो सफलता की राह आसान : किशन चौधरी

संसार में जो भी परिवर्तन होते है वह शिक्षा से होते हैं : डीएस चौहान

शिक्षा प्रदान करने वाले शिक्षक होते हैं राष्ट्र निर्माता : डा. शरद अग्रवाल

मथुरा। शिक्षा न केवल ज्ञान प्रदान करती है बल्कि किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व को भी आकार देती है। कुछ शिक्षण संस्थान है, जो कक्षाओं में पारंपरिक तरीके से सीखने की प्रक्रिया से हटकर है और आपको एक व्यक्ति के रुप में विकसित करने में मदद करते हैं, लेकिन कुछ संस्थानों ने शिक्षा को व्यवसाय बना लिया है, जो गलत है। शिक्षा और विद्या एक साथ मिले तो आप सफलता की राह पर अग्रसर होते रहेंगे। यह बात केएम विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन समिट को संबोधित करते हुए कुलाधिपति एवं जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने कही।

केएम विश्वविद्यालय ने मथुरा मंडी समिति के समीप एक होटल में ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन समिट का सेमीनार का आयोजन किया, जिसमें मुख्य अतिथि डा. एपीजे अब्दुल कलाम टैक्नीकल विश्वविद्यालय लखनऊ के पूर्व वाईस चांसलर प्रोफेसर डा. दुर्ग सिंह चौहान तथा मुख्य संरक्षक केएमयू के कुलाधिपति किशन चौधरी रहे। इस अवसर पर विवि के वाईस चांसलर डा. डीडी गुप्ता, प्रो. वाइस चांसलर डा. शरद अग्रवाल, मेडीकल प्राचार्य डा. पीएन भिसे, रजिस्ट्रार पूरन सिंह ने मंच साझा किया।
मुख्य अतिथि प्रो. डा. दुर्ग सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है, शिक्षा पर जितना खर्च किया जाएं वह कम है, शिक्षा ही हमें हर मुकाम पर पहुंचा सकती है। संसार में जो भी परिवर्तन होते है वह शिक्षा से होते है। शिक्षा साहस देती है तथा विद्या अमृत प्रदान करती है। वर्तमान समय में संस्कार विलुप्त होते जा रहा है, इसलिए आवश्यकता है संस्कारयुक्त शिक्षा की।
मुख्य संरक्षक केएमयू के कुलाधिपति किशन चौधरी कहा कि शिक्षा का व्यवसाय न बनाए बल्कि नई शिक्षा नीति में जो परिवर्तन हुए हैं, उनको अंगीकार करके विकसित भारत निर्माण करें, उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कार होना जीवन के लिए बहुत जरूरी है, विदेशी लोग आज भारत में आकर हमारी संस्कृति अपना रहे है और हमारी बहिन बेटियां विदेशी संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है। संसार में अज्ञान से बड़ा कोई कष्ट नहीं है। हमारे विश्वविद्यालय में फ्री शिक्षा और फ्री चिकित्सा दी जा रही है। जहां संस्कार, विद्या और शिक्षा जहां बैठेगी वहां तरक्की ही होगी।
प्रो. वाइस चांसलर डा. शरद अग्रवाल ने सभी प्रधानाचार्यो एवं शिक्षा के गुरुओं को राष्ट्र निर्माता कहकर संबोधित किया। शिक्षा देने वाले गुरु ही होते है जो छात्राओं को नया जीवन देते हुए उनका कैरियर बनाते है। इसी प्रकार से सेमीनार को विवि के वाइस चांसलर डा. डीडी गुप्ता, विवि के एडवाइजर एसके गोस्वामी ने संबोधित किया है। इस दौरान वहां मौजूद सभी प्रधानाचार्यों को शॉल उढ़ाकर केएम विवि की ओर से सम्मानित किया।
इससे पूर्व समिट का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो (डा) दुर्ग सिंह चौहान, वाइस चांसलर प्रो. वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार ने संयुक्त रुप से सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके किया। विवि के डीन डा. धर्मराज सिंह ने वहां मौजूद आंगुतकों को केएम विश्वविद्यालय के इतिहास से अवगत कराया, इसके पश्चात विवि के रजिस्ट्रार पूरन सिंह ने विवि में छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सुविधाएं एवं विभिन्न कोर्सों से अवगत कराया और सुझाव भी मांगा।

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